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बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याएं - Retivision Superspeciality Eye Centre
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बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याएं

समय के साथ, बच्चों की दृष्टि संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। यह समस्याएं बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं, लेकिन सटीक जानकारी और समय पर उपचार से इन समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। इस ब्लॉग में, हम बच्चों की दृष्टि संबंधी समस्याओं के कारण, प्रकार, लक्षण, और उपचार के बारे में विस्तार से जानेंगे।

कारण:

आनुवांशिक तत्व: दृष्टि समस्याओं का एक प्रमुख कारण आनुवांशिक हो सकता है, जिसका मतलब है कि परिवार के अन्य सदस्यों में भी इस समस्या का प्राधिकृतिक इतिहास हो सकता है।

बच्चों की गलत आदतें: बच्चे लम्बे समय तक टीवी, मोबाइल फोन या कंप्यूटर का उपयोग करते रहने पर दृष्टि समस्याएं बढ़ सकती हैं।

गर्भावस्था में कमजोर दृष्टि: मां की गर्भावस्था में कमजोर दृष्टि वाले बच्चों के जन्म में दृष्टि समस्याएं हो सकती हैं।

निर्माणात्मक समस्याएँ: दृष्टि संबंधी समस्याएं बच्चों के नेत्रों के संरचनात्मक असमर्थता से भी हो सकती हैं।

प्रकार:

दूरदृष्टि (Hyperopia): इस समस्या में, निकट वस्तुओं को देखने में परेशानी होती है।

दूरदृष्टि (Hyperopia) एक प्रकार की दृष्टि समस्या है जिसमें व्यक्ति को निकट वस्तुओं को देखने में परेशानी होती है। इस समस्या में, व्यक्ति की आंख की बाला (कॉर्निया) या लेंस की कमी होती है, जिसके कारण प्रकाश का ब्रह्माण्ड निकट बिंदु पर बिखरता है, और यह व्यक्ति को दूर की वस्तुओं को धुंधला देखने में कठिनाई पैदा करता है।

नीचली दृष्टि (Myopia): इसमें दूर की वस्तुओं को देखने में परेशानी होती है।

नीचली दृष्टि (Myopia), जिसे लोग आमतौर पर “नजदीक की दृष्टि” या “कछुए की दृष्टि” के नाम से भी जानते हैं, एक प्रकार की दृष्टि समस्या है जिसमें व्यक्ति को दूर की वस्तुओं को देखने में कठिनाइयाँ होती हैं। इस समस्या में, व्यक्ति की आंख की बाला (कॉर्निया) का कम गहरापन होता है, जिसके कारण प्रकाश की ब्रह्माण्ड से निकट बिंदु पर नहीं बल्कि थोड़ी दूर की वस्तुओं पर फोकस होता है।

अस्तिगमेटिज़्म (Astigmatism): इस समस्या में, नेत्र की स्फेरिकल अशुद्धि के कारण छवियों को तख्तीबंदी दिखाई देती है।

अस्तिगमेटिज़्म (Astigmatism) एक दृष्टि समस्या है जिसमें आंख की कॉर्निया (आंख की बाला) का संरचन विशेष तरीके से गर्भित होता है, जिसके कारण प्रकाश का ब्रह्माण्ड निकट बिंदु पर नहीं बल्कि विभिन्न दिशाओं में फैलता है। इससे व्यक्ति को वस्तुओं को धुंधला देखने या विभिन्न दिशाओं में आभास हो सकता है।

लक्षण:

आंखों में दर्द या खराबी: बच्चे को आंखों में दर्द, खराबी, या अधिक चिपचिपी आंखें हो सकती हैं।

आंखों की खराब दृष्टि: बच्चे को दृष्टि की कमी के कारण छवियाँ धुंधली या ब्लर दिखाई देती हैं।

आंखों के बीच की दूरी में परिवर्तन: बच्चे को नित्य जीवन में किसी विशिष्ट वस्तु को देखने में परेशानी हो सकती है।

उपचार:

चश्मा या कॉनटैक्ट लेंस: दृष्टि समस्याओं के लिए डॉक्टर के सलाह पर चश्मा या कॉनटैक्ट लेंस प्राप्त किया जा सकता है।

आँखों की व्यायाम: बच्चों को आँखों की व्यायाम करने के लिए प्रोत्साहित करें, जैसे कि आँखों को आराम से आँख खोलकर बंद करना।

सही पोषण: अच्छा पोषण और पूरे नींद का पालन करना दृष्टि को सुधार सकता है।

ऑप्टिकल थेरेपी: कुछ मामलों में, ऑप्टिकल थेरेपी (आँखों की व्यायाम और ट्रेनिंग) सहायक हो सकती है।

इन उपायों के साथ, बच्चों की दृष्टि संबंधी समस्याओं का समय पर पता चलना और उपचार करना महत्वपूर्ण है। अगर आपके बच्चे को दृष्टि समस्या होने का संकेत है, तो आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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